दिल की बात

अमर 'आकाश' कितनी बातें करता हूँ उससे, पर बात अधूरी सी लगती है।बहुत करीं पता हूँ उसको, फिर भी दूरी सी लगती है।कैसे दिल की बात कहूँ, यारों कैसे तुमको बतलाऊँ,इक पल दूर होना उससे, मेरी मज़बूरी सी लगती है।... [पूरी पोस्ट]
writer AMAR NATH GIRI 'AKASH'
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[09 Apr 2010 01:50 AM]

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