जिन्दगी इक प्यास है, जो नहीं बुझती कभी - वीनस केशरी
पता नहीं लोग कैसे इतना सब कुछ लिख लेते हैं,, कहाँ कहाँ की बातें, सारे जहाँ की बातेंअक्सर सोचता हूँ कि काश...... मैं भी ऐसा लिख सकूं जो पढने वाले को एक प्याली बढ़िया अदरक वाली चाय का लुत्फ़ दे सके पिछले दिनों मुझे अनुभव हुआ कि आजकल...
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वीनस केशरी
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[27 May 2010 15:14 PM]



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