दुश्मनी...
कल शाम तेरे जुल्फों कोलहराते हुए देखाऔरपलभर मेंहवाओं से दुश्मनी हो गयीखिड़की से अन्दर आतीसूरज की किरणेंतेरे चेहरे पे पड़ रही थीऔर मैं सूरज कोअपने दिल की जलन मेंजला रहा थाउसी वक़्त......
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अभिषेक प्रसाद 'अवि'
हिन्दी
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[14 May 2010 09:31 AM]



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