जन्म
पहचाने जबअनजाने लोगदेखी दुनियाऔर उसकी सोचकोई अपनाजब दूर गयाया कोई दूर सेपास आ गयामिली खुशी याआयी विपदासंतोष मिला यामिली जो चिंतातृष्णाओं कोजब भी नापाशब्दों केअर्थों को मापाजब जब ख़ुद कोपढ़ा है मैंने अंतर्मन कोसुना है मैंने तब तब मेरेमनस हृदय मेंएक कविता...
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Shikha Deepak
मन की बात
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[25 Mar 2009 02:43 AM]



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