चाँद

Shikha Deepak अभी अपने घर की छत पर थी...ठंडी हवा चल रही थी...आसमान में चाँद, तारे, बादल सभी थे...बिजली चले जाने से घरों और सड़कों में अँधेरा था पर इससे आसमान के नज़ारे स्पष्ट दिख रहे थे....देखते देखते कुछ शब्द मन में घूमने लगे................. वो दूर आसमान मेंचाँद पिघल... [पूरी पोस्ट]
writer Shikha Deepak

मन की बात

views
1
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[05 May 2009 10:55 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix