कौन तो लिखता है, कौन तो रचता है
प्रतीत तो ऐसा ही होता है कि यह लिखा मेरे द्वारा ही जा रहा है पर क्या लिखने वाला वास्तव में “मैं” ही हूँ ? मेरे देखे मेरे समझे तो, कभी एक तीन से तेरह साल का बाल मन, कभी चौदह से उन्नीस साल का किशोर मन, कभी बीस से पचास साल का युवा मन, [...]...
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swaarth
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[27 May 2010 10:20 AM]



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