हिंदू धर्मं सन्देश-विषैले पदार्थ और विषयों से दूर रहना श्रेयस्कर

दीपक भारतदीप की हिंदी एक्सप्रेस पत्रिका कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार---------------------------नित्यं जीवस्य च ग्लानिर्जायते विषदर्शनात्।एषामन्यतमेनापि समश्नीयत्परीक्षितम्।हिन्दी में भावार्थ-प्रतिदिन विष को देखने से ही मन में ग्लानि हो जाती है इसलिये किसीके  सहयोग से भोजन की परीक्षा... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

हिन्दू-धर्म

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[27 May 2010 02:03 AM]

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