'ररुहा सपनाय दार-भात' याने कि दरिद्र को सपने में भी दाल-भात नजर आता है
दरिद्र व्यक्ति भरपेट भोजन करने की व्यवस्था नहीं कर पाता। या तो आधा पेट खाता है या फिर भूखा ही रह जाता है। नींद में भी उसके अचेतन में भूख ही बसी रहती है इसलिये उसको सपने में दाल-भात अर्थात् भोजन ही नजर आता है। इसीलिये छत्तीसगढ़ी में, जो कि मुहावरों के...
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जी.के. अवधिया
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[27 May 2010 00:25 AM]



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