देसिल बयना - 31 : बूरे वंश कबीर के उपजे पूत कमाल

मनोज -- करण समस्तीपुरी गाँव-घर में एगो फकरा बड़ा प्रचलित है, 'कबीर दास के उलटे वाणी ! आँगन सूखा, भर घर पानी !!' लेकिन जो कहिये कबीर दास का सब बाते अजगुत (अद्भुत ) होता था। जो बोल दिए उका अर्थ अद्भुत ही होगा। एक बात था, कबीर दास फाकमस्ती में जीए मगर कौनो... [पूरी पोस्ट]
writer करण समस्तीपुरी

करण समस्तीपुरी

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[26 May 2010 10:33 AM]

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