पत्रकारिता के नाम पर कलंक
(संदर्भ ‘अंबेडकर टुडे’ पत्रिका में ईश निंदा)-राजेश त्रिपाठीकुछ मंद बुद्धि (इसे दुष्ट बुद्धि या कुंठाग्रस्त कहना ज्यादा उचित होगा) लोग आगे बढते समाज को जबरन मध्ययुगीन बर्बरता और आदिम सोच की ओर खींच ले जाना चाहते हैं। यह काम कोई अनपढ़ जाहिल आदमी करता तो...
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Rajesh Tripathi
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[26 May 2010 06:51 AM]



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