खुद से ही दूर

safar ke sajde mein नहीं जाना है उस गलीजो कर दे मुझे खुद से ही दूरपानी से पतला जीवन हैफिसला जाता है अपना ही नूरअग्नि से तेज क्रोध हैजल जाता है तन मन वजूदहवा से तेज मन है चलतानहीं संभलता है गति का अवरोधआकाश से खाली हैं गर विचार भारी नहीं है मन उदारधरती सा धैर्य है अगरफलें... [पूरी पोस्ट]
writer शारदा अरोरा
views
12
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
4
[26 May 2010 02:08 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix