एक कप चाय और ब्लोगवाणी के तलब ने भट्ठा बैठा दिया दिमाग का
आपने भी अनुभव किया होगा कि जब कभी भी परेशानी आती है केवल एक ही परेशानी नहीं आती बल्कि एक के बाद एक परेशानियाँ आती ही चली जाती हैं। कहावत भी है कि "विपत्ति कभी अकेली नहीं आती"। आज सुबह ही सुबह एक कप चाय और ब्लोगवाणी के तलब ने हमें ऐसा परेशान किया कि हमारी...
[पूरी पोस्ट]
जी.के. अवधिया
63
8
1
7
20
[26 May 2010 00:45 AM]



Shuffle








