मन ख़ुशियों से फूला : डॉ. रूपचंद्र शास्त्री "मयंक" की नई बालकविता

सरस पायस ♥ ♥ मन ख़ुशियों से फूला ♥ ♥उमस-भरा गरमी का मौसम,तन से बहे पसीना!कड़ी धूप में कैसे खेलूँ,इसने सुख है छीना!!कुल्फी बहुत सुहाती मुझको,भाती है ठंडाई!दूध गरम ना अच्छा लगता,शीतल सुखद मलाई!!पंखा झलकर हाथ थके जब,मैंने झूला झूला!ठंडी-ठंडी हवा लगी तब,मन ख़ुशियों... [पूरी पोस्ट]
writer रावेंद्रकुमार रवि

बालकविता

views
11
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
10
[25 May 2010 23:15 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix