मेरी प्रतीक्षा को अमर मत होने देना....!!! ........अभी न जाओ छोड़ कर के दिल अभी भरा नहीं.....

काव्य मंजूषा सबसे पहले एक गीत...आवाज़ 'अदा' की...अभी न जाओ छोड़ कर के दिल अभी भरा नहीं.....ज़रा सा एक्सपेरिमेंट किया है इसमें...सुनिए और बताइए कैसा है..??और अब एक छोटी सी कविता... सजल आँखों से तुम्हें देखूँ,तुम अंतहीन नभ हो ना ! खग सी मैं,अज्ञात स्पर्श का परिचयसाथ लेकर... [पूरी पोस्ट]
writer 'अदा'
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[25 May 2010 18:43 PM]

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