इंटरनेशनल दिल्ली हिन्दी ब्लॉगर मिलन - बेहद कमजोर जिगर वाले इन झलकियों को न देखें - भाग दो (अविनाश वाचस्पति)
बागी चाचा की कविता ने समां बांध दिया। वो समा ऐसा बंधा कि खुल नहीं पाया। चित्रों में दिखलाई दे रही सीमेंट की बोरियां जड़वत रह गईं। कविता आपको कल राजीव तनेजा जी पढ़वायेंगे। यह पहला इंटरनेशनल दिल्ली हिन्दी ब्लॉगर मिलन रहा जिसमें सीमेंट की भरी बोरियों ने...
[पूरी पोस्ट]
अविनाश वाचस्पति
91
4
0
4
17
[25 May 2010 16:21 PM]



Shuffle








