श्रम से चलता है ये जीवन :मानस खत्री की कविता
आपदाओं से मत घबराओ, सदा इन्हें स्वीकार करो, जीवन में कुछ करना है तो, मेहनत से तुम काम करो. पत्थर पिघल जाएंगे पल में, मिटटी बन जाएगी सोना, श्रम से चलता है ये जीवन कुछ पाने को है, कुछ खोना...
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Manas Khatri
कविताशिक्षासाहित्यस्तंभ
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[25 May 2010 14:25 PM]



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