कविता गर्मी

BAL SAJAG गर्मीदेखो कितनी हैं भीषण गर्मी भाई ,४० साल का रीकड़ तोडा हैं भाई....घर से बहार न निकालो भाई,नहीं तो लू लग जायेगी....पैसा रूपया खर्च होगा भाई,घर का बिल बन जायेगा....देखो कितनी हैं गर्मी भाई...लेखक चन्दन कुमार कक्षा ४ अपना घर कानपुर... [पूरी पोस्ट]
writer BAL SAJAG
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[25 May 2010 13:36 PM]

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