रसूख वाले कानून को बपौती समझते हैं ....

ये सच है रुचिका को आखिर २० साल बाद न्याय मिला ,राठौर को कम ही सही लेकिन सजा तो मिली , लेकिन एक चीज़ जोऐसे मामले को देकते हुए सामने आते है वो ये की , रसूख वाले मुजरिम क़ानूनी रफ़्तार को अपने हिसाब से गति देने में पूरी तरह सफल रहते है , लोगो को मीडिया का धन्यवाद्... [पूरी पोस्ट]
writer मनीष झा
views
14
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
2
[25 May 2010 12:00 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix