बस स्टॉप और तेरी यादों से रिश्ता! हाल ऐ दिल!

कोतुहल कल कोई ज़िक्र वफ़ा का कर रहा था कहीं...और मैं फिर आदतन तुम्हे याद कर बैठा........ क्या करूँ पागलपन गया जो नहीं है अभी........फिर उस शख्स की बातें ध्यान से सुनने लगा और ..........और..........और फिर सोचा अब भी लोग वफ़ा पे यकीन करते हैं?........यूँही शिक़वे... [पूरी पोस्ट]
writer nadeem
views
8
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
2
[25 May 2010 11:35 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix