क्षण ही जीवन
मनुष्य 'समय' पर यात्रा करता हैजब की परमात्मा का'समय' पर है निवासमनुष्य का जीवन क्षण क्षण की कड़ी कोजोड़कर बनता हैपरमात्मा हर उस कड़ी कोएक सम्पूर्ण जीवन के तौर पर जी रहा हैमनुष्य का जीवन 'समय' का जुडाव हैऔर 'समय' हैपरमात्मा का पड़ाव..................... अरुण...
[पूरी पोस्ट]
Arun Khadilkar
11
0
0
0
3
[24 May 2010 20:56 PM]



Shuffle








