गीत: ताल देते भँवर रे....... ---आचार्य संजीव 'सलिल'
गीत:संजीव 'सलिल'geetsalila.blogspot.कॉमसाजों की कश्ती सेसुर का संगीत बहालहर-लहर चप्पू लेताल देते भँवर रे....थापों की मछलियाँ,नर्तित हो झूमतींनादों-आलापों कोसुन मचलतीं-लूमतीं.दादुर टरटरा रहेकच्छप की रास देख-चक्रवाक चहक रहेस्तुति सुन सिहर रे....टन-टन-टन...
[पूरी पोस्ट]
आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'
contemporary hindi poetry
11
0
0
0
0
[24 May 2010 12:25 PM]



Shuffle








