राजनीति :मानस खत्री की हास्य कविता
ऐ देश के लफंगों, नेता तुम्ही हों कल के, यह देश है तुम्हारा, खा जाओ इसको तल के. चुनाव के पहले नेता घर-घर मांगने जाते हैं वोट, और फिर चुनाव के बाद, अपनी भोली जनता को, पहुचाते हैं गहरी चोट. भारत की राजनीति है एक गन्दी बहती नाली, जिसमें बैठ कर नेता, वसूलते...
[पूरी पोस्ट]
Manas Khatri
व्यंगकवितामनोरंजनचुटकुले
19
1
0
1
4
[23 May 2010 13:44 PM]



Shuffle








