हौसले को कभी टूटने न दें :मानस खत्री
मध्यांतर का समय था. कुछ छात्र विद्यालय के पास से जा रहे थे. तभी एक विद्यार्थी ने दुसरे से कहा की मेरे परिवार का बहुत बुरा हाल है. अभी कुछ ही दिनों पहले मेरे नाना के साथ बहुत बड़ी दुर्घटना हुई है. यह दुर्घटना एक बम धमाके की वजह से हुई है. वो मदन के नाना...
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Manas Khatri
kavitaसाहित्यस्तंभसाहित्यिक कृति
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[23 May 2010 12:51 PM]



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