एक पत्र ए.टी.एम. के पापा के नाम

सुमित के तड़के (गद्य) आदरणीय ए.टी.एम. के पापा जी सादर धनस्ते!उस दिन ए.टी.एम. से धन निकलने गया तो ए.टी.एम. को आंसू बहाते देखा.कुछ भी समझ में न आया.इससे पहले जब भी धन निकालने जाता था तो हर बार ए.टी.एम. जी प्रफुल्लित होकर फ़टाफ़ट करारे नोट प्रस्तुत करते थे. किन्तु उस दिन कुछ न कुछ... [पूरी पोस्ट]
writer सुमित प्रताप सिंह
views
17
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
1
[23 May 2010 10:26 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix