Achanak (1973): गुलजार थ्रिलरलैंड में
गुलजार साब की अपनी बनायी फिल्मों में “लेकिन” और “अचानक” दो ही थ्रिलर हैं। अचानक में गुलजार समाज में साधारणतया बसने वाली बेवफाई, कत्ल, नैतिकता और मौत की सजा आदि की परिभाषाओं को खंगालते हैं। “सैंकड़ों को वहाँ जंग में मारने पर...
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cinemanthan
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[23 May 2010 03:36 AM]



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