अजगर करे न चाकरी…
अ जगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम। दास मलूका कह गए, सबके दाता राम।। इस दोहे में अजगर निरीह जंतुओं को भकोसने की वजह से नहीं बल्कि अपने निकम्मेपन की वजह से बदनाम हो रहा है। सर्प प्रजाति के इस विशालकाय जंतु का अजगर नाम हिन्दी में खूब लोकप्रिय है। मलूकदास ने...
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अजित वडनेरकर
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[22 May 2010 16:53 PM]



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