मोहरा, अफवाहें फैला कर....
ग़ज़लें1.मोहरा, अफवाहें फैला कर बात करे क्या आँख मिला करऔरत को माँ-बहिन कहेगालेकिन, थोड़ा आँख दबाकरपर्वत को राई कर देगाअपने तिल का ताड़ बना करवक्त है उसका, यारी कर लेयार मेरे कुछ तो समझा करख़ुदको ही कुछ समझ न आयाजब बाहर निकला समझा कर(‘सण्डे पोस्ट साहित्य...
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संजय ग्रोवर Sanjay Grover
व्यंग्य
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[22 May 2010 09:56 AM]



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