उन्हें सलाम – महेन्द्र नेह – कविता पोस्टर
उन्हें सलाम – महेन्द्र नेह ( a kavita poster by ravi kumar, rawatbhata) शब्दों के कुछ समूह हमारी चेतना पर अचानक एक हथौडे़ की तरह पड़ते हैं, और हमें बुरी तरह झिंझोड़ डालते हैं. दरअसल हथौडे़ की तरह पड़ने और बुरी तरह झिंझोड़ डालने वाली उपमाओं के पीछे...
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रवि कुमार, रावतभाटा
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[22 May 2010 09:21 AM]



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