जी हाँ! मैं टिप्पणियाँ बेचता हूँ,मैं तरह-तरह की,हर किस्म की टिप्पणियाँ बेचता हूँ.

कुछ इधर से  ,कुछ उधर  से जी हाँ!मैं टिप्पणियाँ बेचता हूँ मैं तरह-तरह कीहर रंग कीटिप्पणियाँ बेचता हूँ.कुछ ज्वलनशील हैं जला के रख देंगी थोड़े दिनों की नींद उड़ा के रख देंगी ज्यादा नींद आती हो तो दिखला दूंनहीं तो अगली के बारे में बतला दूं कुछ सुनामी हैं दिखने में सादी हैं पर मिल जाए... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक गर्ग
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[22 May 2010 00:00 AM]

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