दूर बैठे, दूर की सोच

MERE SAPNE MERE APNE गांव, मेरा गांव। जब भी गांव जाता हूं तो करीब 40-50 किलोमीटर पहले ही वो शहर की पक्की सड़क पीछे छूट जाती है। फिर शुरू हो जाता है सफर कच्ची सड़क का, जिसे बोलचाल की भाषा में खड़ंजा (ईट की सड़क) कहते हैं। फिर शुरू हो जाती है हरियाली और सिर्फ हरियाली। मिट्टी... [पूरी पोस्ट]
writer Nitish Raj

मेरा गांव

views
15
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
5
[21 May 2010 21:10 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix