१८ में यही होता है :मानस खत्री की हास्य कविता
१८ का पूर्ण होने पर मुझे Proud है, आप १८ के हों या न हों, पर ये रचना पढ़ना आप के लिए Allowed hai. ये कविता २१ दिसम्बर को, अपने 18th जन्मदिन के अवसर पर मैंने लिखी थी, मेरे Fans को ये कविता हास्य-व्यंग में सबसे अधिक पसंद आई है. अब तक की सबसे ज्यादा पढ़ी गई...
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Manas Khatri
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[18 May 2010 01:24 AM]



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