राजनीतिक हस्तक्षेप से निरंकुश होती पत्राकारिता से विनाश का खतरा बढ़ा
आज पत्रकार यह भूलता जा रहा है कि पत्रकार का सम्मान तो उसके द्वारा किये जाने वाले त्याग व तपस्या के कारण होता है। आदर्श पत्रकारिता तो पत्रकारों के द्वारा उठाये गये जोखिम, आदर्श, उददे्श्यों में ही पनपती है। गणेश शंकर विद्यार्थी तथा बाल गंगाधर तिलक इत्यादि...
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शिक्षाFeaturedराष्ट्रीयचर्चाघर
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[18 May 2010 11:13 AM]



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