फांसी का फैसला भी अब रुटीन फैसला है!
जैसा कि अपेक्षित ही था कि कसाब के मुकदमे में जो फैसला आना था, वही आया यानी फांसी। सच कहा जाए तो यह सबको पता ही था कि कसाब को सिर्फ फांसी ही दी जा सकती है। जितना संगीन उसका अपराध है, और कानूनन भी उसके लिए यही सजा है ( देशद्रोह और देश पर आक्रमण जैसे अपराध...
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अपराधFeaturedनज़रियाajay kumar jha
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[20 May 2010 10:29 AM]



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