आएगा मज़ा ...!!!
क्यों ?निरर्थक बोझ लाद कर फिरते हो सीने में ,फ़िक्र मुक्त करो जिन्दगी ,आएगा मज़ा जीने में ॥इत्र -सुगंधों से नही आती वो ...खुशबू !!जो भीनी-भीनी आती,मेहनत के पसीने में ॥हमने शराब पी के मरते बहुत देखे हैं.....गर जानी है तो जाये दूजों के गम पीने में ॥जिदगी तो...
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कमलेश वर्मा
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[21 May 2010 11:10 AM]



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