हम भी उड़ते : रावेंद्रकुमार रवि का नया शिशुगीत

सरस पायस हम भी उड़तेहम भी उड़ते आसमान में जैसे उड़े पतंग! सजाकर सुंदर-सुंदर रंग! देख-देख जिनकी उड़ान हम रह जाते हैं दंग, वे चिड़ियाएँ उड़ें मज़े से मस्त हवा के संग! सजाकर ... ... . उड़ती हैं तितलियाँ बाग़ में भर पंखों में रंग, रुक-रुक जो कहतीं फूलों से -"चलो... [पूरी पोस्ट]
writer रावेंद्रकुमार रवि

शिशुगीत

views
10
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
7
[21 May 2010 10:11 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix