इनक्रोचमेंट, डिमोल्यूशन एंड डिस्प्लेसमेंट
सुबह सुबह नौएडा मोड़ से गुजरते हुए सड़क के किनारे देखा तो वहां मां दुर्गा की वो मूर्ति नहीं थी, ना ही नटराज की। वहां कुछ लोग थे जो बुल्डोजर लेकर कच्ची ईंटों से बने उन कच्चे घरों को तोड़ रहे थे जहां अब तक वो कुछ लोग रहते थे, जिनका रहना वहां गैवाजिब था, उन...
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उमेश पंत
डिस्प्लेसमेंट
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[21 May 2010 09:59 AM]



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