माँ के ख़यालात में....(कुंवर जी)

kunwarji's हँसता-गाता,खेलता-खाता,रोता-नहाता,रूठता-मनाता भी मै शायद अधुरा ही होता हूँ!आंसुओ के अहातो मेंदुखो के अखाड़ो में,मुश्किलों के पहाडो में अपनों के मेलो मेंपरायो के झमेलों में,भी शायद मै अधूरा ही होता हूँ!माँ के ख़यालात में,और जब कलम होती है हाथ में तो ही मै... [पूरी पोस्ट]
writer kunwarji's

अगर मै कहूं......

views
15
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
14
[21 May 2010 09:42 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix