देहरादूनः कायापलट के पहाड़ों से घिरी घाटी
जर्मन रेडियो डॉयचे वेले में कुछ साल बिता चुकने के बाद लेखक-पत्रकार शिवप्रसाद जोशी वापस भारत में हैं. उनके शानदार गद्य की एकाधिक बानगियां हिन्दी की बड़ी साहित्यिक पत्रिकाओं में पहले भी देखी जा चुकी है. पहल में मारकेज़ पर लिखा उनका शानदार पीस अब भी मेरे...
[पूरी पोस्ट]
Ashok Pande
8
1
0
1
4
[21 May 2010 08:15 AM]



Shuffle








