'मन है बहुत उदास रे जोगी !' 'झुर- झुर' रो - रो' नैण गमावूं !'
मानलें , प्रस्तुत हिंदी रचना का जोगी गौतम बुद्ध है या भर्तृहरि है ! …और , रचना में शुरू से आख़िर तक स्वयं का परिचय दिए बिना , विरह वेदना से पीड़ित जो प्रेम पुजारिन पाठकों- दर्शकों से रूबरू है , वह यशोधरा है अथवा पिंगला है !कल्पना कीजिए… किसी...
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Rajendra Swarnkar
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[21 May 2010 08:13 AM]



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