मौत से निपटने के कई रास्ते हैं।
रेलवे ट्रेक के किनारेकुछ मजदूर मशीनों से निकले बड़े बड़े पत्थरों कोछोटे चौकोर अलंगों में तराशते हैंये लोग मूर्तिकार जितने पारंगत नहीं होतेइन लोगों को केवल उन चोटों का पता होता हैजिनसे किसी बड़े पत्थर का एक नियत आकार का हिस्साचैकोर हो जाता है।जबकि मूर्तिकार...
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Rajey Sha
कविता Kavita
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[21 May 2010 06:10 AM]



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