नौका डूबी पर सवार..
रह-रहकर पानी में चप्पू खेने की आवाज़ आती. इससे अलग एकदम सन्नाटा था. और अंधेरा. रात भर की थकान के बाद तीन दिन पहले लड़का जब पहली मर्तबा सुबह के उजाले में नाव पर चढ़ा था तब उसकी खुशी का पारावार न था. जाने कहां-कहां के लोगों और उनके अजनबी पहरावों और...
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Pramod Singh
हमारा समय
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[21 May 2010 06:04 AM]



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