गोपालदास 'नीरज' का जीवन दर्शन : उनके चार विचारों के साथ !
जिंदगी को देखने और महसूस करने के हमारे मापदंड समय और हमारी सोच में हो रहे निरंतर विस्तार से बदलते रहते हैं। वक़्त से आगे देख पाने की सोच, एक आम मानव की प्रकृति में नहीं है। दरअसल हमारे अपने जीवन में जो घटित होता रहता है उसे ही जीवन का सच मानने के लिए हम...
[पूरी पोस्ट]
Manish Kumar
29
5
0
5
6
[21 May 2010 03:13 AM]



Shuffle








