माँ ने बना लिया है ब्लॉग, पैदा कर लिए हैं ईमेल-पते
संगीता सेठी के कविता के पात्र सामान्तयाः स्त्रियाँ ही होती हैं। इनकी कविताएँ हमारे निर्णायकों को भी पसंद आती हैं। इन सभी बातों का ताज़ा उदाहरण अप्रैल माह में छठवाँ स्थान बना चुकी इनकी यह कविता है-पुरस्कृत कविताः नहीं बाँच सकती कोई माँवो ज़माना चिट्ठी...
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[21 May 2010 01:35 AM]



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