देश के सिस्टम पर प्रहार करता नाटक ‘फुटबाल के बराबर अंडा’ ......
वीडिओ संपादन एवं प्रस्तुति श्रीकन्त मिश्र 'कान्त'चंडीगढ़। ‘बेशक देश में लोकतांत्रिक प्रणाली है, लेकिन आम जनता क्या आजादी से अपने बारे में सोच सोचती है। क्या लोग आजादी से काम कर सकते हैं। इंसाफ पाने के इंतजार में आम आदमी मौत के द्वार तक पहुंच जाता...
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chakresh kumar
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[21 May 2010 01:46 AM]



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