न गेसूओं को तुम हटाओ
यूँ ही छाई रहने दो काली घटाएँन गेसूओं को तुम हटाओमहकने दो साँसों में शबाबखिलने दो गालों में गुलाबछलकने दो आँखों से मधुहोंठो से बरसने दो शराबयूँ ही छाई रहने दो ख़ुमारीमदहोश हूँ न होश में मुझको लाओयूँ ही छाई रहने दो काली घटाएँन गेसूओं को तुम हटाओटिका रहने...
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डॉ. राजेश नीरव
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[20 May 2010 22:59 PM]



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