न गेसूओं को तुम हटाओ

नीरव यूँ ही छाई रहने दो काली घटाएँन गेसूओं को तुम हटाओमहकने दो साँसों में शबाबखिलने दो गालों में गुलाबछलकने दो आँखों से मधुहोंठो से बरसने दो शराबयूँ ही छाई रहने दो ख़ुमारीमदहोश हूँ न होश में मुझको लाओयूँ ही छाई रहने दो काली घटाएँन गेसूओं को तुम हटाओटिका रहने... [पूरी पोस्ट]
writer डॉ. राजेश नीरव
views
13
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
5
[20 May 2010 22:59 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix