भारत शासन अधिनियम 1935 और विधि व्यवस्था -2 : भारत में विधि का इतिहास-85

तीसरा खंबा भारत शासन अधिनियम 1935 में उच्च न्यायालयों को पूर्व में प्राप्त अधिकारिता को ही अनुमोदित किया गया था। उन्हें 1915 के अधिनियम के अंतर्गत देशज प्रथाओं और रूढ़ियों से शासित राजस्व मामलों के विचारण का अधिकार नहीं था, लेकिन उन्हें इन मामलों पर अपीली अधिकारिता... [पूरी पोस्ट]
writer दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi

Govt.

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[20 May 2010 21:53 PM]

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