वेदना धरती की
अगर परछाईयाँ नोचने लगें, खरोचने लगेंधरती को तोधरती त्रस्त होगी, कराहती होगी,बेचैन होगीठीक उसी तरह जिस तरहयह मस्तिष्क तनाव ग्रस्त है, चिंतित है, व्यस्त है,व्यग्र है, विवंचित है, परेशान है -विचारों, स्मृतियों, सपनों, चिंताओं और ऐसी हीकई अंतर्छायाओं द्वारा...
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Arun Khadilkar
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[20 May 2010 20:53 PM]



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