दो अनिवार्य कविताएं

बिगुल एक  प्रार्थनाशहर फट पड़ा बम के धमाकों सेबाजूवाला शहर भी फटाफिर... बाजूवालाईश्वर मुझे तुम्हारा नहींबाजूवाले का साथ चाहिए बौने हाथदिल की जमीं परनफरत का यूरियाऔर फिर देखिएसांप-बिच्छुओं की लहलहाती फसलकाटते हैं यही फसल बड़ी फुर्ती से कुछ बौने हाथ... [पूरी पोस्ट]
writer Rajkumar

बम धमाके

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[20 May 2010 13:35 PM]

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