आँच-१७ :: ‘कैसे मन मुस्काए?’

मनोज आँच :: ‘कैसे मन मुस्काए?’ - आचार्य परशुराम राय रचनाकार के अन्दर धधकती संवेदना को पाठक के पास और पाठक की अनुभूति की गरमी को रचनाकार के पास पहुँचाना आँच का उद्धेश्य है। देखिये राय जी की आंच पर ‘कैसे मन मुस्काए?’ कैसे उतरता है। संगीता  स्वरूप जी की... [पूरी पोस्ट]
writer मनोज कुमार
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[20 May 2010 09:00 AM]

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