लगा राम की मूर्ति बनें पॉलिटिकल पंडा

तीखी नज़र दूर इलेक्शन का अभी दीखे सूत-कपासलेकिन लट्ठमलट्ठ की वरुण अदाएं खासवरुण अदाएं खास, सियासी चादर बुनते'राजनीति की रुई' नित्य नफरत से धुनतेदिव्यदृष्टि फिरते हैं 'भगवा' ओढ़ दुशालालिए 'राम को गोद' चढ़ें सिंहासन लालाराम-लला की कृपा से हों यदि सत्तासीन'माया... [पूरी पोस्ट]
writer दिव्यदृष्टि
views
8
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[20 May 2010 06:47 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix